हड़ताली चिकित्सकों पर एस्मा संभव : बीरेन

इंफाल : मणिपुर के मुख्यमंत्री एन.बीरेन सिंह ने शनिवार को यहां कहा कि सरकार जे.एन.चिकित्सा विज्ञान संस्थान (जेएनआईएमएस) के हड़ताली चिकित्सकों पर आवश्यक सेवासंरक्षण अधिनियम (एस्मा) के तहत कार्रवाई कर सकती है। मणिपुर स्थित सरकारीचिकित्सा कॉलेज जेएनआईएमएस के वरिष्ठ रेजीडेंट भर्ती नियमों के खिलाफ प्रदर्शन कररहे हैं। कुछ वरिष्ठ रेजीडेंटों का कहना है कि दोषपूर्ण नियमों के कारण अन्यजूनियर रेजीडेंटों को नियुक्ति मिल सकती है, जो वरिष्ठ चिकित्सकों केपूर्व छात्र रहे हैं।

जेएनआईएमएस के निदेशक टी. भीमो ने कहा, “वरिष्ठ रेजीडेंटों को जेएनआईएमएस प्रशासन को थोड़ा समय देना चाहिए, ताकि कागजी कार्य पूरे किए जा सकें।”

हालांकि रेजीडेंट चिकित्सक न्याय की मांग कर रहे हैं, लेकिन कोई सकरात्मक प्रतिक्रिया नहीं मिली है।

इसबीच मुख्यमंत्री ने कहा, “बेहतर होगा अगर मामले को बातचीत के जरिए हल किया जाए। चिकित्सकों की सेवा एस्मा के अंतर्गत आती है।”

उन्होंने कहा, “अगर नियम चिकित्सकों को आंदोलन के लिए उन्हें लोकतांत्रिक अधिकार देते हैं, तो नियम इस बात की इजाजत भी नहीं देते कि सरकार कुछ नहीं कर सकती।”

बीरेन सिंह ने कहा, “ऐसे बहुत से लोग हैं, जिन्हें यह बताने में शर्म आती है कि हम मणिपुर से हैं, जिनमें मैं भी शामिल हूं। क्या कभी सुना है कि कुछ लोग जरूरतमंद लोगों के फायदे को बढ़ाने के खिलाफ उच्च न्यायालय पहुंचे हों। क्या इसका मतलब यह है कि ये लोग नहीं चाहते कि राज्य सरकार लोगों के फायदे और सेवाओं में विस्तार करे?”

बीरेन सिंह महीने में दो बार जरूरतमंद लोगों से मुलाकात करते हैं, और उस दौरान जरूरतमंद लोग अपनी शिकायतें उनके सामने रखते हैं।

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