बिहार में नये समीकरण का दस्तक ! चिराग दे रहे हैं कार्यकर्ताओं को टिप्स !

पटना : नीतीश सरकार को लेकर लोजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान के तेवर गरम हैं। शनिवार को पार्टी पदाधिकारियों की बैठक में चिराग ने स्पष्ट कहा कि वे आगे भी राज्य के मुद्दे उठाते रहेंगे। अब इसे कोई आलोचना समझ ले तो उन्हें कुछ नहीं कहना।

पार्टी राज्य के लोगों के प्रति अपना दायित्व निभाती रहेगी। वे अपने राजधर्म का पालन करते रहेंगे। चिराग ने पार्टी के तमाम मुद्दों पर विचार के लिए जल्द ही संसदीय बोर्ड की बैठक बुलाने की भी घोषणा की।बैठक में चिराग के कड़े तेवर से तय हो गया है कि राज्य सरकार और जदयू से उनके लगातार तल्ख हो रहे रिश्तों में सुधार की फिलहाल कोई गुंजाइश नहीं है। दोनों को लेकर उनकी नाराजगी पहले की तरह बरकरार है।

यही नहीं, वे पहले से ज्यादा आक्रामक नजर आए। चिराग ने इस बात पर कड़ी आपत्ति जताई कि जनता के हित में आवाज उठाने को कोई अपनी आलोचना मान ले। कहा- यह उचित नहीं है। आखिर जनता की बात वे नहीं उठाएंगे तो कौन उठाएगा? जनता ने अपने हितों की रक्षा की जिम्मेवारी हमें सौंपी है। उससे हम कैसे मुंह मोड़ सकते हैं? चिराग ने पार्टी पदाधिकारियों से राजधर्म निभाने की अपील की। कहा- जनहित के मुद्दों से पार्टी पीछे हटने वाली नहीं है। उनकी प्राथमिकता कहीं से चुनाव नहीं है।

उनकी चिंता कोरोना संक्रमण और बाढ़ की विभीषिका है, जिससे लोग परेशान हैं। चिराग ने कहा कि हमारी फिक्र कोटा जाकर करोड़ों खर्च कर देने वाले गरीब बिहारवासियों को लेकर है। क्यों नहीं हम उन्हें वैसी सुविधा बिहार में दे सकते हैं? हम इस पर काम करना चाहते हैं। पिछले कुछ दिनों से चिराग लगातार नीतीश पर हमलावर हैं। कोरोना और बाढ़ को लेकर भी चिराग ने नीतीश पर सवाल उठाए। चिराग ने कहा था कि नीतीश कोरोना संक्रमण और बाढ़ से निपटने में विफल रहे हैं। अस्पतालों से लगातार भयावह तस्वीरें सामने आ रही हैं।

नीतीश 15 साल से सत्ता में हैं, इसके बावजूद बिहार में क्या बदलाव आया? इसके अलावा जहां जदयू और भाजपा समय पर बिहार विधानसभा चुनाव चाहती है वहीं चिराग ने यह कहकर परेशानी खड़ी कर दी कि वे कोरोनाकाल में चुनाव नहीं चाहते हैं।

चिराग के बयानों से जदयू और भाजपा लगातार असहज महसूस कर रही है। चिराग के बयानों पर जदयू कुछ दिन तो चुप रही, लेकिन फिर इधर से भी बयानों के तीर चलने लगे। पिछले दिनों जदयू नेता ललन सिंह से तो यहां तक कह दिया था कि चिराग जिस डाल पर बैठे हैं उसी को काट रहे हैं। जदयू के अंदर से यह बात लगातार उठ रही है कि लोजपा साथ नहीं भी रही तो भी एनडीए आसानी से विधानसभा चुनाव जीत जाएगी। वहीं, भाजपा का कहना है कि एनडीए में सबकुछ ठीक है। तीनों दल मिलकर विधानसभा का चुनाव लड़ेंगे।

चिराग पासवान का जाप सुप्रीमो पप्पू यादव से मिलना भी सियासत का पारा चढ़ा दिया है। लोगों में इस बात की चर्चा शुरू हो गयी है कि बिहार में तीसरे मोर्चे ने दस्तक दे रही है।

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