संयुक्त कृषि भवन एवं ई-किसान भवन का कृषि मंत्री ने किया उद्घाटन।

दिलशाद अहमद-( संपादक, बिहार )बिहार सरकार में मंत्री डाॅ0 प्रेम कुमार मंत्री, कृषि, पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग, बिहार द्वारा आॅफिसर काॅलोनी, बेतिया अवस्थित नवनिर्मित संयुक्त कृषि भवन का उद्घाटन किया गया। नवनिर्मित संयुक्त कृषि भवन का निर्माण 4 करोड़ 15 लाख 71 हजार रूपये की लागत से किया गया है। इसके साथ ही ई-किसान भवन, सिकटा एवं योगापट्टी का भी रिमोट से उद्घाटन किया गया।
इस अवसर पर संयुक्त कृषि भवन परिसर में एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ संयुक्त रूप से दीप प्रज्जवलित कर किया गया। जिसमें कृषि मंत्री, डाॅ0 प्रेम कुमार , सांसद, बेतिया डाॅ0 संजय जायसवाल, विधायक, प्रकाश राय, भागीरथी देवी, विनय बिहारी, पूर्व मंत्री, रेणु देवी, नगर परिषद सभापति, गरिमा सिकारिया सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण , सामाजिक कार्यकर्ता एंव जिलाधिकारी, डाॅ0 निलेश रामचंद्र देवरे, जिला कृषि पदाधिकारी, विजय प्रकाश, जिला मत्स्य पदाधिकारी, मनीष श्रीवास्तव आदि पदाधिकारी शामिल हुए।
कार्यक्रम के प्रारंभ में प्रखंड तकनीकी प्रबंधक के 11 अभ्यर्थियों, सहायक तकनीकी प्रबंधक के 53 एवं प्रखंड स्तरीय लेखापाल पद के 17 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र मंत्री सहित अन्य विधायकगण एवं जनप्रतिनिधिगण द्वारा प्रदान किया गया।

मंत्री डॉ प्रेम कुमार ने कहा कि पश्चिम चम्पारण जिले में आज संयुक्त कृषि भवन का शुभारंभ हो गया है। इस भवन में केन्द्रीयकृत रूप से ससमय कार्यों का निष्पादन करने में सुविधा होगी। उन्होंने यह भी कहा कि 2020 तक राज्य के सभी प्रखंडों में ई-किसान भवन कार्यरत होगा। इसके साथी ही किसानों की सुविधा के मद्देनजर सभी पंचायतों में भी कृषि कार्यालय की स्थापना की जायेगी। 1465 पंचायत कृषि कार्यालयों ने कार्य करना प्रारंभ भी कर दिया है। दिसंबर 2019 तक 8 हजार पंचायतों में कृषि कार्यालय को फंक्शनल करने का लक्ष्य रखा गया है।

मंत्री ने कहा कि पूर्व में किसानों का कोई भी आंकड़ा उपलब्ध नहीं था। आज सभी किसानों का डाटाबेस बनाया जा रहा है। सभी किसानों का निबंधन कराया जा रहा है। डीबीटी रजिस्टेशन के माध्यम से ही केन्द्र एवं राज्य सरकार द्वारा क्रियान्वित विभिन्न योजनाओं का लाभ किसानों को प्रदान होगा। उन्होंने कहा कि जिले में अबतक लगभग 2 लाख 96 हजार किसानों ने डीबीटी निबंधन कराया है। यह आंकड़ा लक्ष्य से दूर है। उन्होंने अधिकारियों को निदेशित करते हुए कहा कि विशेष अभियान चलाकर जिले के प्रत्येक किसान का निबंधन कराना सुनिश्चित किया जाय। केन्द्र एवं राज्य सरकार द्वारा किसानों के हित के लिए कई योजनाओं का क्रियान्वयन किया जा रहा है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान योजना एवं प्रधानमंत्री किसान मानधन योजना से अधिक से अधिक किसानों का लाभान्वित करना है। उन्होंने कहा कि कोई भी किसान इन योजनाओं से वंचित नहीं रहे, ऐसा प्रयास एक अभियान चलाकर करना होगा।

उन्होंने कहा कि किसान चैपाल, किसान पाठशाला आदि का आयोजन कर किसानों के बीच जाकर उन्हें विभिन्न कृषि योजनाओं आदि से संबंधित जानकारी प्रदान की जा रही है। उन्होंने जैविक खेती पर जोर देते हुए कहा कि जैविक खेती से लाभ अधिक है। प्रत्येक जिले में एक जैविक ग्राम बनाने की कार्ययोजना पर काम चल रहा है। किसानों को 75 घनफीट के पक्का वर्मी बेड इकाई पर लागत का 50 प्रतिशत अधिकतम 5000 रू0 प्रति इकाई अनुदान देय है। इसी तरह 2 घनमीटर के गोबर गैस/बायोगेस की स्थापना के लिए लागत मूल्य का 50 प्रतिशत अधिकतम 21000 रू0 अनुदान दिया जा रहा है। जैविक खेती करने वाले किसानों के एडौपसन के लिए 11500 रू0 एवं प्रमाणीकरण के लिए 500 रू0 प्रति एकड़ की दर से अनुदान दिया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि आज किसानों को गेहूं, धान, मक्का आदि फसलों के साथ-साथ मत्स्य, गाय, बकरी, हनी आदि पालन कर अपनी आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ करना होगा। उन्होंने कहा कि किसान समेकित कृषि प्रणाली अपनाकर अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत कर सकते हैं। इसमें राज्य सरकार द्वारा हर संभव सहयोग किया जायेगा।

उन्होंने ड्रिप इरिगेशन पद्धति के बारे में भी चर्चा किया। उन्होंने कहा कि यह पद्धति अत्यंत लाभकारी है। प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत प्रति बूंद अधिक फसल के ड्रिप सिंचाई के लिए 90 प्रतिश्ज्ञत एवं स्प्रींकलर सिंचाई हेतु निर्धारित मूल्य का 75 प्रतिशत अनुदान दिया जा रहा है, जिसका लाभ किसान भाई उठायें।
सांसद, डाॅ0 संजय जायसवाल ने कहा कि कृषि क्षेत्र में बिहार काफी अग्रसर है। कृषि क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान हेतु बिहार को कई पुरस्कार भी प्राप्त हुये है। उन्होंने कृषि क्षेत्र में पश्चिम चम्पारण जिले के योगदान की चर्चा करते हुए कहा कि यहां के किसान काफी मेहनती है। उन्होंने चयनित एटीएम, बीटीएम एवं लेखापालों से कहा कि आपलोग काफी उर्जावान हैं। एडवांस टेक्नोलाॅजी के तहत पूरी ईमानदारी एवं तत्परतापूर्वक अपने कार्यों एवं दायित्वों का निवर्हन करें।
जिलाधिकारी, डाॅ0 निलेश रामचंद्र देवरे ने कहा कि बिहार एक कृषि प्रधान राज्य है। पशु एवं मत्स्य से संबंधित विकास कार्यों में हमेशा पुरस्कार मिलता रहा है। उन्होंने कहा कि कृषि विभाग के शक्तिशाली विभाग है, इस विभाग के पास जितने कर्मी हैं अगर पूरी ईमानदारी एवं तत्परतापूर्वक अपने कार्यों एवं दायित्वों का निवर्हन करें तो किसी भी लक्ष्य को आसानी से प्राप्त किया जा सकता है। उन्होंने कृषि पदाधिकारियों से कहा कि केन्द्र एवं राज्य सरकार द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं के बारे में किसानों को बतायें तथा उनकी तरक्की में भागीदार बनें।
जिलाधिकारी ने नवचयनित एटीएम, बीटीएम एवं लेखापालों सहित कृषि पदाधिकारियों/कर्मियों का आह्वान किया कि आज वे शपथ लें कि किसानों का भविष्य उज्जवल करने हेतु वे कोई कोर कसर नहीं छोड़ेगे।

उन्होंने कहा कि पश्चिम चम्पारण जिले में गन्ने की फसल अधिक होती है। इस फसल के लिए ड्रिप इरिगेशन पद्धति अत्यंत लाभकारी है। किसानों के बीच जाकर ड्रिप इरिगेशन से होने वाले लाभ के बारे में बतायें तथा इसको ज्यादा से ज्यादा किसान अपनायें इसपर कार्य किया जाय।
इस मौके पर संयुक्त कृषि भवन परिसर में माननीय मंत्री सहित अन्य माननीय जनप्रतिनिधियों द्वारा आम, अमरूद, पपिता, कटहल आदि का पौधारोपण किया गया।
मंत्री का जिलाधिकारी द्वारा पुष्प गुच्छ देकर स्वागत किया गया। कार्यक्रम का सफल संचालन जिला मत्स्य पदाधिकारी, मनीष श्रीवास्तव द्वारा किया गया।

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